beginning of 2020

न्यू ईयर 2020
अजीब सी फीलिंग्स थी उस दिन, पूरी दुनिया खुशी मना रही थी और मै अकेले सफर पर, अनजान जगह और एकदम से अनजान लोगो के बीच जा रही थी, सोचते हुए कि क्या ये पूरा साल भी ऐसा ही होगा। 

          26 दिसम्बर से ही बनारस में ठंड बहुत ज्यादा थी, सामान्य और हर बार से बहुत ज्यादा। हॉस्टल में हर कोई ठंड से घबराकर और न्यू ईयर के बहाने अपने अपने घर जा चुका था। मै अकेले बिना धूप वाली ठंड से लड़ रही थी और इसी बीच बिजली भी गुल। एक, दो नहीं तीसरे दिन भी नहीं आयी। फिर ना पानी, ना ही पानी को गरम करने के लिए बिजली, इसी बहाने नहाने के लिए कोई मजबूरी भी नहीं रही। फिर भी परेशानियां और भी थी। जूठे बर्तन निकलते जा रहे थे धुलने की कोई गुंजाईश नहीं दिखी तो zomato से खाना मंगवाना पड़ा। लैपटॉप, इमर्जेंसी लाइट, मोबाइल, पावर बैंक एक एक करके लास्ट वार्निंग देते हुए चल बसे। दुनिया से कोई संपर्क ना रहा तो तीसरे दिन एक दोस्त के यहां कपड़े धोने और नहाने चल दिए। इन्हीं कठिनाइयों के बीच आया था नया साल 2020। ऐसी भयंकर शुरुआत रही। इन सब के बीच अनमना सा मन लेकर एक वर्कशॉप करने कलकत्ता भी जाना था।  दुनिया नया साल मना रही थी और मै पहली जनवरी को चल दी ट्रेन से ' वाराणसी टू कोलकाता ' के सफर पर एक वर्कशॉप के लिए। अजीब सी फीलिंग थी, नए साल का वैसे तो कोई क्रेज नहीं होता है मुझे, मगर दिमाग में बचपन से जो डाल दिया गया था कि जो पहले दिन करोगे वहीं पूरे साल करोगे, यही सोच रही थी, क्या पूरे साल अकेले घूमती रहूंगी। एकदम से अनजान जगह अकेले जाना अजीब सा लग रहा था फिर भी मन में एडवेंचर वाला फितूर लिए चल दिए कलकत्ता। ट्रेन में बैठे बैठे नोवा हरारी की होमो सेपियंस पढ़ते हुए सोचती रही की क्या मकसद है हमारे ऑस्ट्रेलोपिथेकस से होमो सेपियंस सेपियंस बनने का? पाषाण युग को प्लास्टिक युग बदलने का ? हंटर- गैदरर से zomato कस्टमर बनने का? लेखक ने लिखा था, "हमने खेती की शुरुआत के साथ ही स्वयं को गुलाम बना लिया और सैकड़ों बीमारियां पाल ली"। फिर जितना किताब को पढ़ा नहीं उतना सोचा और सोचते सोचते यही सोचा,
"भगवान ने हमें होमो सेपिन्यंस बनाया और हमने खुद को गधा, जो ढो रहे हैं धर्म, कर्म और अपने 1400 से 1500 सीसी के ब्रेन के फितूर"। 
     खैर, 2020 (कोविड इयर)  ने ये भ्रम तोड़ दिया कि जो साल के पहले दिन होगा साल भर वैसा ही होगा। मगर ये भी सिखाया की हम कभी नहीं तय कर सकते कि जीवन में कब क्या होगा। सच मे, "Life is full of uncertainty.."

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