मैं हूं बस एक किरदार

ये कायनात मुझे जी रही है

जहां से सब रास्ते पर था

वहीं से रास्ते मोड़ रही है

थोड़ी खुशियां लिखती है

फिर थोड़े आंसू जोड़ रही है

मैं हूं बस एक किरदार यहां 

ये कायनात मुझे जी रही है

थोड़ा थोड़ा करके वो

हर रोज बहाने ढूंढ रही है

कहीं किसी टेबल पर बैठी

मेरी कहानी लिख रही है

मैं हूं बस एक किरदार यहां 

ये कायनात मुझे जी रही है


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